Shree krishna govind hare murari Ravindra Jain bhajan Sargam notes

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krishna

Shree krishna govind murari song sargam notes in hindi is available on sangeet book.

Accurate sargamnotes of hindi songs from original scale are available on sangeetbook.

Song – Shree krishna govind hare murar

Music – Shri Ravindra Jain

Singers – Shri Ravindra Jain

Lyrics – Shri Ravindra Jain


Instructions –

  • “.” is used for mandra saptak swars eg-(. , . )
  • _ under score is used for komal swars.eg – ( रे , , नि )
  • (t) here “(t)” is used for showing teevra swar (t) .
  • “-” is used for stretching the swars according to the song.
  • Swars written रेगin this manner means they are playing fast or two swars on one beat.
  • (रे)सा here रे is kan swar or sparsh swar and सा is mool swar.

How to play Shree krishna govind hare murari on keyboard,Piano, Harmonium ,Flute,Violin, Guitar.

Original scale  F# of Middle octave (मध्य सप्तक )

Vikrit swar – नि

 

Sthai – 

श्री कृष्णा  / गोविन्द  / हरे  / मुरारी

.प –  सा  सा  /  सा  –  सा  सा / सा  रे  ग   /  रे  /  सा(.नि)  –  .नि .ध  – /

हे नाथ  / नारा / यण वासु / देवा

.नि  –  रे  रे  /  ग  –   म – /   ग  रेगरे   / सा  –  सा  – /

पितु /  मात  / स्वामी  / सखा  / हमारे

ग  – /   प   / प  – प  –  /  प  प  –  / ध  ()म  ग  रे  –   /

हे नाथ  / नारा / यण वासु / देवा

.नि  –  रे  रे  /  ग  रे ग  म  /   ग  रेगरे   / सा  –  सा  –

Filler

प  –  प प प प प    ग  –  ग ग ग ग ग  सा  – सा सा सा सा सा  .ध .ध  .प

Shree krishna govind murari song Stanza-

बंदी   /  गृह के   /  तुम अव / तारी

प  –  प  –  /   ध  –  ध  –  /  म  ग  रे  ग  /  प  –  प –  /

 

कही जन्मे  / कही  / पले   / मुरारी

ग  प  नि  ध   ध  –  / ध  – / निध  नि सां  – / नि ध नि ध  प  प – /

किसी  / के जाए  / किसी के /  कहाये

प  नि –  –  /  नि  सां –  सां  –  / सां  सां  नि  /  ध प  ध  प म /
है अद्भुत /  हर / बात / तिहारी

म  –  –  ध  –   ध –  /   ध   –  / म   गरे   – – ग  / प  –  प –  /
गो कुल में  / चमके  /  मथुरा के   / तारे

ग  –    प    प  –  / प – प  –  /  प  – प  –  ध /  ()म  ग  रे  –   /

हे नाथ  / नारा / यण वासु / देवा

.नि  –  रे  रे  /  ग  रे ग  म  /   ग  रेगरे   / सा  –  सा  – /

 

अधर पे  बंशी ह्रदय में राधे

बट  गए दोनों में आधे आधे
हे राधा नागर  हे भक्त वत्सल

सदैव भक्तो के काम साधे
वहीँ गए वहीँ गए जहाँ गए पुकारे
हे नाथ नारायण वासुदेवा